एक लाख डॉलर
एक लाख डॉलर “भैया, आपसे कुछ बात करनी थी…” ये शब्द सुनते ही मेरे कदम अचानक रुक गए। मैंने पीछे मुड़कर देखा। बगल में रहने वाले खन्ना जी के घर …
एक लाख डॉलर “भैया, आपसे कुछ बात करनी थी…” ये शब्द सुनते ही मेरे कदम अचानक रुक गए। मैंने पीछे मुड़कर देखा। बगल में रहने वाले खन्ना जी के घर …
पाँच रुपये सालों बाद अचानक Facebook पर एक बहुत पुराने दोस्त का मैसेज आया— “कैसा है यार? कहाँ है आजकल? अपना नंबर देना।” ऐसे मैसेज आपको एकदम …
बात उन दिनों की है जब बोर्ड परीक्षा के परिणाम अख़बारों में छपा करते थे। सुबह-सुबह घर के बाहर अख़बार वाले की साइकिल की घंटी किसी त्योहार से …
ओमकार नाथ वर्मा — यही नाम था उसका। पूरे छह फुट की ऊँचाई, लंबा-चौड़ा शरीर। उसे देखकर कोई भी यह नहीं कह सकता था कि वह ग्यारहवीं का छात्र है। …
हम सारे बच्चे हमेशा की तरह गर्मियों की छुट्टियों में अपने कल्याणी देवी वाले घर के बाहर खिलखिलाते हुए खेल रहे थे। धूप तेज थी, पर हमारे चेहरे …
कॉलेज एलुमनी फ़ंक्शन एयरपोर्ट से उतरकर मैंने अलीगंज के लिए उबर बुक की, और रास्ते भर बस यही महसूस होता रहा कि कितना कुछ बदल गया है। एक समय था …
छुट्टियाँ शुरू होते ही अगर मंजू बुआ हमारे घर चली आतीं, तो मानो पूरे घर में रौनक लौट आती थी। बुआ के आने की खबर जैसे ही मिलती, हम सब बच्चे उछल …
मोहल्ले के किनारे वाले मकान जो काफी सालों से न पेंट हुआ था और न ही कुछ काम हुआ था। घर की हालत बयान करती थी कि अब वहाँ सिर्फ 2 बुजुर्ग रहते …
कॉलेज “बस आंखें नीचे रखना… ऊपर मत देखना… कोई कुछ भी बोले तो सुनना ही मत… बस सीधा निकल जाना।” मेरी दोस्त की आवाज़ कानों में गूँज रही थी। हम …
वो सबसे आलीशान मकान था, शहर के ठीक बीचोंबीच दो बड़े प्लॉट मिलाकर बना, कपूर जी का मकान नंबर 900। एक समय था जब इस मकान में रौनकें ही रौनकें …
मैं बहुत गहरी नींद में डूबा हुआ था। मोबाइल की घंटी लगातार बज रही थी, लेकिन नींद इतनी भारी थी कि होश ही नहीं था। जैसे-तैसे आंखें खोलीं, पर …
भाषा — एक अनकहा रिश्ता अभी-अभी सीट बेल्ट बाँधी ही थी कि बगल वाली सीट पर बैठीं एक वृद्धा ने काँपते हाथों से मेरी ओर एक काग़ज़ बढ़ाया। चेहरा …