Ghosla
Ghosla (Short Story )
एक दिन घर के गार्डन में एक चिड़िया ने घोंसला बनाना शुरू कर दिया. पहले लगा कि हटा देते है इसको वरना प्रॉब्लम होगी. कभी लगा कि बना रही है पता नहीं गिर जायेगा या कुछ गड़बड़ हुई तो अच्छा नहीं लगेगा . फिर लगा की बना ही लेने देते है इसने इतनी मेहनत की है वैसे भी चिड़िया तो कुछ महीने रहेगी फिर चली जाएगी. मेरे अंदर का एक फोटोग्राफर भी जाग गया था की चलो कुछ अछि फोटो ही ले लूँगा इसी बहाने. न जाने क्यों उसको देखता रहा पूरे दिन मेहनत करके एक एक तिनके जोड़के उसने घोंसला बना लिया था. परदे के ऊपर परगोला के नीचे काफी सुन्दर सा घोंसला
. फिर वही बैठ के आराम से रहने लगी. ये समझ आ गया की ये फॅमिली बनाए वाली है कुछ दिनों में इस घोसले मैं . शायद यही ढूंढ रही थी कि कहा घोसला सुरक्षित होगा फिर इस दिन अचानक से घोंसले के अंदर से चिड़िया के छोटे बच्चे दिखे. कुछ ही दिनों में घोसला एक अच्छा घर बन गया. चिड़िया के बच्चे अक्सर सुबह सुबह ची ची की आवाज़ करते और चिड़िया उनके लिए कुछ खाने को लेने जाती थी फिर सबको अपनी चोंच से खिलाती. मैं दूर से देखता था और कुछ फोटो भी ले लेता था वो सबका ध्यान देती किस बच्चे ने खाया या नहीं . एक कमजोर भी था वो नहीं पहुँच पता था उसकी चोंच तक फिर कुछ बच्चे ज्यादा खाने के चक्कर मैं होते पर वो सबको ध्यान से खिलाती थी इतना सुन्दर सा लगता था ये देखके मानो अपना बचपन से याद आ गया था. मैंने कई फोटो ली उस पल की सच कहूं तो वो दृश्य फोटो से बहुत अच्छा था. चिड़िया के बच्चो को ऐसे खाते हुए देखना फिर ऊका चुप के घोंसले से बाहर देखना. फिर उनको कभी कभी अपने नन्हे पंख फैलाते हुए देखना. मैं सोच रहा था की इसको उड़ने में कई महीने लगेंगे और खूब पिक्स लूँगा. लगता था की इनका थोड़ा ध्यान भी देना होगा अगर उड़ने के सीखने में गिर पड़ी तो . फिर एक सुबह कोई आवाज़ ही नहीं आयी घोसलें के पास जा के देखा तो बच्चे नहीं थे. लगा कि बड़ी जल्दी उड़ गए .चिड़िया भी कुछ दिनों तक नहीं दिखी और घोसला सुनसान सा था.फिर चिड़िया तो आ गयी पर बच्चे नहीं थे चिडयां अकेले ही थी वह सबका इंतजार करते हुए. आज भी चिड़िया उस घोसले मैं अपने बच्चों का इंतजार कर रही है. बच्चे उड़ गए है पर वो वही है. एक दिन सब बच्चों को उड़ जाना है चिड़िया को पता है ये फिर भी वो वही है इन्तेजार मैं.
कभी लगता है उसको जाके बोलूँ किसका इंतजार कर रही है वो सब गए पर लगता है कहीं वो न बोल दे की हाँ पता है पर क्या तुम्हे पता है की ये सबके साथ होना है