एक दिन घर आया तो देखा बुआ , मेरी मम्मी और मेरी बहन पाली रो रहे है थे लिविंग रूम में. ऐसा लगा शायद किसी की डेथ हो गयी थी. मैं थोड़ी देर वही बैठ गया उन लोगो के साथ. मेरी सोशल नॉलेज में काफी कमी थी कई बार तो लोगो के नाम भी भूल जाता था.मैं घर में तीसरे नंबर पे था लोग अक्सर या तो बड़े भैया को या फिर सब से छोटे को ही जानते थे. मुझे लगा कि अभी ऐसे पूछूँगा तो शायद अजीब लगे तो सोचा बात सुनता हूँ की क्या हुआ. थोड़ी देर मैं मम्मी ने बोला कि अभी अभी तो शादी हुई थी उसकी तो लगा की ये तो बहुत बुरा हुआ. फिर मेरी बहन ने बोला कि पता नहीं अब तुलसी का क्या होगा. ये समझ आया की हम लोग उसकी वाइफ को भी जानते है

. मम्मी ने बोला कितनी मुश्किल से शादी हुई थी और लगा था की अब उन लोगो की लाइफ सही रहेगी. मुझे लगा की शायद ये मम्मी के साइड में कोई रिश्तेदार होंगे जिनकी शादी भी मैंने मिस कर दी. वो लोग आसूँ के साथ रोते जा रहे थे और मैं अपनी पूरी यादास्त से कोसिस कर रहा था ऐसा कौन था जिसकी वाइफ का नाम तुलसी है अपनी रिश्तेदारी में

.मुझे लगा की मेरी मम्मी की तबीयत न खराब हो जाये तो मैंने उन्हें गले लगा के बोला कोई बात नहीं मम्मी परेशान न हो

. पानी पी लो जो होना था वो तो हो गया अब भगवान की मर्जी के आगे हम क्या कर सकते है. मम्मी बिलकुल चुप होके मेरी और देखने लगी और सारे ही मुझे देखने लगे. मुझे लगा की मैंने कुछ गलत बोला है . मैंने अपनी बात को सही करते हुए बोला सॉरी पर मुझे नहीं याद आ रहा ये किसकी बात हो रही है. मेरी बहन बोली तुलसी वीरानी तुमको नहीं पता क्या इतने दिन से तो दिखा रहे थे ये लोग टीवी पे. मेरा मुँह से निकला मतलब टीवी पे क्यों दिखा रहे थे समझ नहीं आया. फिर मम्मी बोली अरे यार हम लोग क्योंकि सास भी कभी बहू थी सीरियल की बात कर रहे थे और तुम जाओ यहाँ से

. मुझे हँसी आने लगी और थोड़ी देर बाद की क्या यार सीरियल के करैक्टर से इस कदर जुड़ाव फिर लगा की जर्रोर कुछ तो होगा इस सीरियल में . मुझे याद है कि मम्मी बताती थी कि हम लोग सीरियल मैं भी जब दादी के डेथ होने वाली थी लोगो ने पोस्टकार्ड से मैसेज भेजा था कि प्लीज बचा लो

. रामायण सीरियल के टाइम जब लक्ष्मण जी तीर लगा तो सब कितना रोये थे. सच मैं कितने सच्चे मन्न के लोग होते है वो जो किसी और के दुःख मैं इस कदर रोने लगते है. रोना अच्छा होता है सारा दुःख निकल जाता है पर सच बोलूँ तो रोना अब मुश्किल सा हो गया है अब. क्योंकि अब न तो मम्मी की बाहें है जिसमे लिपट के रो पाउँगा . मिस यू मम्मी हमेशा